views
रंगदारी तथा जानलेवा हमले के आरोपी अभियुक्त को अवैध तमंचे के साथ दून पुलिस ने किया गिरफ्तार
कोतवाली प्रेम नगर पर श्रीमती सीमा राजपूत पत्नी संजय कुमार निवासी लक्ष्मीपुर, प्रेमनगर के द्वारा विपक्षी अर्जुन 2-दीपिका 3- विकास बलारा तथा अमन के द्वारा आपराधिक षडयंत्र कर वादिनी के पति से 30 लाख रुपए की रंगदारी मांगने तथा वादिनी के घर पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने के संबंध मे दी गई तहरीर के आधार पर कोतवाली प्रेमनगर पर धारा - 109/ 308(4)/61 बीएनएस की धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना की संवेदनशीलता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कोतवाली प्रेम नगर पर टीम गठित कर पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। जिस पर पुलिस टीम द्वारा घटना में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सुरागरसी/ पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा मुखबिर की सूचना पर दिनाँक 09/06/2026 को वादनी के घर पर फायरिंग की घटना को अंजाम देने वाले अभियुक्त अमन को बिधौली क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिसकी निशानदेही पर पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त देसी तमंचा 315 बोर तथा 02 जिंदा कारतूस बरामद किये गए।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया की वह नालापानी क्षेत्र में रहता है, वह पूर्व में नेहरु कॉलोनी तथा डालनवाला थाने पर दर्ज हत्या के 02 अलग अलग अभियोगों तथा थाना रायपुर पर पंजीकृत एन0डी0पी0एस0 व आर्म्स एक्ट के अभियोग में जेल गया था, जिसमे वह करीब 4-5 साल तक जेल में रहा था तथा कुछ दिन पूर्व ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। जेल में उसकी मुलाकात कोतवाली पटेलनगर से हत्या के एक मुकदमे में बन्द 02 व्यक्तियों अर्जुन पुत्र बलवान निवासी सोनीपत तथा संजय राजपूत निवासी ईस्ट होप टाउन से हुई थी, जो अपने एक अन्य साथी मंजीत की हत्या में जेल में बंद थे। मंजीत को वह पूर्व से ही जानता था, तथा उससे अभियुक्त की मुलाकात पूर्व में जेल में ही हुई थी।
संजय राजपूत व अर्जुन में पहले तो बहुत अच्छी दोस्ती थी परन्तु बाद में इन दोनो में किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। जमानत पर बाहर आने के बाद भी अभियुक्त अमन, अक्सर अर्जुन से मिलने जेल जाता था, जहाँ उसकी मुलाकात अर्जुन की बहन दीपिका व विकास बलारा से हुई, जो अर्जुन से मिलने सोनीपत से आते थे, जिनसे उसकी अच्छी दोस्ती हो गयी थी।
जेल में मुलाकात के दौरान एक बार अर्जुन ने अभियुक्त अमन, विकास बलारा व दीपिका को बताया कि सजंय के कहने पर ही उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर मंजेश का मर्डर किया था, जिसके एवज में संजय ने उसे मोटी रकम देने का वादा किया था परन्तु पुलिस ने संजय को भी जेल भेज दिया, जिस कारण संजय उसे पैसे नही दे पाया। अब जेल में उसे अपनी जमानत के लिये पैसो की जरुरत है, जिसके लिये उसने संजय राजपूत से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी है और धमकी दी है कि अगर उसने पैसे नही दिए तो वह संजय तथा उसके परिवार को जान से मरवा देगा।
इसके बाद अर्जुन ने हमें यह भी बताया कि संजय उसे पैसे नही दे रहा है और तुम लोग तमंचे की व्यवस्था उसके घर पर फायर कर उसके घरवालों को धमका दो। उसके बाद संजय से मिलने वाली रंगदारी के पैसों में से कुछ हिस्सा वह उन्हें दे देगा।
अभियुक्त अमन को भी जेल से बाहर आने के बाद पैसों की आवश्यकता थी, जिसके लिए वह उस काम को करने के लिए राजी हो गया। जिसके बाद योजना के मुताबिक उनके द्वारा तमंचों व कारतूसों की व्यवस्था की गई तथा दिनांक 20/05/2026 की तड़के प्रातः समय करीब 04 बजे अंधेरे में संजय राजपूत के घर लक्ष्मीपुर ईस्ट होप टाउन में जाकर अभियुक्त विकास बालरा ने एक धमकी भरी चिट्ठी, जिसे उसके द्वारा लिखा गया था, को संजय के घर के अन्दर फेंक दिया और अभियुक्त अमन में अपने पास रखे तमंचे से संजय ले घर की ओर फायर किया गया, जिसके बाद दोनों अभियुक्त मौके से भाग गये।
Comments
0 comment