एसएसपी दून के नेतृत्व में अपराधियों के विरुद्ध एक्शन मोड में दून पुलिस
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एसएसपी दून के नेतृत्व में अपराधियों के विरुद्ध एक्शन मोड में दून पुलिस

अजय सिंह निवासी सहस्त्रधारा देहरादून द्वारा थाना राजपुर पर आकर लिखित तहरीर दी कि उनकी मालकिन, जो कि अक्सर दिल्ली रहती है, उनका मकान मक्का वाला मसूरी रोड पर स्थित है। दिनांक 26/06/26 को जब वह उक्त मकान को देखने गए तो देखा कि मकान के गेट का ताला टूटा हुआ था तथा उसके अंदर बबरामदे में रखी दो पीतल की बड़ी मूर्तियां चोरी हो गई थी। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर धारा 305 ए BNS के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया।

चोरी की घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत व उनके अनावरण तथा उसमें शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा दिये गये निर्देशों पर तत्काल थाना राजपुर पर पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर उसके आस-पास तथा आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेजों का अवलोकन करते हुए घटना में शामिल संदिग्धों के संबंध में आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी के आधार पर सुरागरसी/पतारसी करते हुए स्थानीय मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। साथ ही पूर्व में चोरी की घटनाओं में प्रकाश में आये अभियुक्तों की वर्तमान स्थिती की जानकारी प्राप्त कर उनका भौतिक सत्यापन किया गया।

पुलिस टीम द्वारा लगातार किये जा रहे अथक प्रयासों के परिणाम स्वरूप दिनांक 10/07/2026 को पुलिस टीम द्वारा चैकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर चोरी की घटना में शामिल 03 अभियुक्तों को भंडार गांव जंगल रोड के पास से गिरफ्तार किया गया।

अभियुक्तों से पूछताछ में उनके द्वारा बताया गया कि वे तीनों कबाड्डी का काम करते हैं तथा कबाड़ बीनने की आड़ में देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर घूम कर बंद घरों की रेकी करते हुए मौका देखकर चिन्हित किये गए घरों में चोरी की घटना को अंजाम देते है। घटना में चुराए हुए सामान को अभियुक्त कुछ समय तक अपने पास रखकर बाद में मौका देखकर बेच देते हैं। दिनांक 26/06/26 को मक्का वाला मसूरी रोड स्थित बंद मकान के गेट का ताला तोड़कर उन्होंने उसके बरामदे में रखी पीतल की दो बड़ी मूर्तियां चुरा ली थी। चुराई गई मूर्तियों को कुछ समय बाद उनके द्वारा आईएसबीटी देहरादून स्थित एक कबाड़ी को बेच दिया था, बेचे हुए सामान से जो धनराशि उन्हें प्राप्त हुई थी, वह उन तीनों ने आपस में बांट ली थी। जिस कबाड़ी को उनके द्वारा सामान बेचा गया था, वह काफी दिनों से दुकान बंद कर फरार चल रहा है, जिसकी धरपकड़ के प्रयास किये जा रहे है।

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